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Una News: मिड-डे मील वर्कर्स 22 को शिमला में भरेंगे हुंकार
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sat, 13 Jun 2026 12:09 AM IST
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बड़ूही में बैठक के उपरांत मिड डे मील वर्कर्स सामूहिक चित्र में। संवाद
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बड़ूही (ऊना)। मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन की बैठक शुक्रवार को बड़ूही में आयोजित की गई। इसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी 22 जून को शिमला में आयोजित होने वाली रैली में क्षेत्र के सभी मिड-डे मील वर्कर्स हिस्सा लेंगे।
बैठक में वर्कर्स ने केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों पर नाराजगी जताई। वक्ताओं ने कहा कि शिमला हाईकोर्ट के फैसले आने के बावजूद राज्य सरकार द्वारा मिड-डे मील वर्कर्स को 12 महीने का वेतन देने के मामले में उचित कार्रवाई नहीं की जा रही है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर कर मामले को लंबित रखने का प्रयास किया जा रहा है।
यूनियन नेताओं का आरोप है कि सरकारें न्यायालय के निर्णयों को लागू करने में गंभीरता नहीं दिखा रही है। वर्कर्स ने हरियाणा सरकार की तर्ज पर 7,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय, हाईकोर्ट के फैसलों के अनुरूप 10 माह के स्थान पर 12 माह का वेतन, ग्रेच्युटी, कर्मचारी मुआवजा अधिनियम, ईपीएफ और ईएसआई के दायरे में शामिल करना सहित कई प्रमुख मांगे उठाईं।
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यूनियन की उपप्रधान ऊषा देवी, बड़ूही और जोल ब्लॉक प्रधान ने घोषणा की कि अपनी मांगों के समर्थन में 22 जून को मिड-डे मील वर्कर्स स्कूलों में भोजन नहीं बनाएंगे और शिमला रैली में शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे। संवाद
बैठक में वर्कर्स ने केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों पर नाराजगी जताई। वक्ताओं ने कहा कि शिमला हाईकोर्ट के फैसले आने के बावजूद राज्य सरकार द्वारा मिड-डे मील वर्कर्स को 12 महीने का वेतन देने के मामले में उचित कार्रवाई नहीं की जा रही है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर कर मामले को लंबित रखने का प्रयास किया जा रहा है।
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यूनियन नेताओं का आरोप है कि सरकारें न्यायालय के निर्णयों को लागू करने में गंभीरता नहीं दिखा रही है। वर्कर्स ने हरियाणा सरकार की तर्ज पर 7,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय, हाईकोर्ट के फैसलों के अनुरूप 10 माह के स्थान पर 12 माह का वेतन, ग्रेच्युटी, कर्मचारी मुआवजा अधिनियम, ईपीएफ और ईएसआई के दायरे में शामिल करना सहित कई प्रमुख मांगे उठाईं।
यूनियन की उपप्रधान ऊषा देवी, बड़ूही और जोल ब्लॉक प्रधान ने घोषणा की कि अपनी मांगों के समर्थन में 22 जून को मिड-डे मील वर्कर्स स्कूलों में भोजन नहीं बनाएंगे और शिमला रैली में शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे। संवाद