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Pauri News: वनाग्नि जल संसाधनों को करती है प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Sat, 06 Jun 2026 04:07 PM IST
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श्रीनगर। गढ़वाल विवि के डॉ. अंबेडकर उत्कृष्टता केंद्र एवं निःशुल्क कोचिंग योजना, उत्तराखंड की ओर से वनाग्नि: कारण एवं परिणाम विषय पर ऑनलाइन परिचर्चा की गई। इस मौके पर वक्ताओं ने वनाग्नि के कारणों, दुष्परिणामों और रोकथाम के उपायों पर विचार विमर्श किया।
प्रो. एमएम सेमवाल ने कहा कि वनाग्नि जल संसाधनों और पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित करती है। उन्होंने वन पंचायतों, स्थानीय समुदायों, आपदा प्रबंधन विभाग और वन विभाग के बीच बेहतर समन्वय तथा जन-जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। केंद्र के संकाय सदस्य डॉ. अरविंद सिंह रावत ने वनाग्नि नियंत्रण में वन पंचायतों एवं वन विभाग की भूमिका पर जानकारी दी। डॉ. शैलेंद्र ने मृदा की उर्वरता और गुणवत्ता पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों, डॉ. वीर सिंह ने जलवायु परिवर्तन और बर्फ पिघलने की प्रक्रिया से पड़ने वाले प्रभावों की जानकारी दी। संचालन डॉ. आशीष बहुगुणा ने किया। परिचर्चा में आकाश कश्यप, साक्षी वर्मा, सौरभ कुमार, दीपक कुमार मावत, प्रियांशु और आंचल आदि ने विचार रखे। संवाद
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श्रीनगर। गढ़वाल विवि के डॉ. अंबेडकर उत्कृष्टता केंद्र एवं निःशुल्क कोचिंग योजना, उत्तराखंड की ओर से वनाग्नि: कारण एवं परिणाम विषय पर ऑनलाइन परिचर्चा की गई। इस मौके पर वक्ताओं ने वनाग्नि के कारणों, दुष्परिणामों और रोकथाम के उपायों पर विचार विमर्श किया।
प्रो. एमएम सेमवाल ने कहा कि वनाग्नि जल संसाधनों और पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित करती है। उन्होंने वन पंचायतों, स्थानीय समुदायों, आपदा प्रबंधन विभाग और वन विभाग के बीच बेहतर समन्वय तथा जन-जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। केंद्र के संकाय सदस्य डॉ. अरविंद सिंह रावत ने वनाग्नि नियंत्रण में वन पंचायतों एवं वन विभाग की भूमिका पर जानकारी दी। डॉ. शैलेंद्र ने मृदा की उर्वरता और गुणवत्ता पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों, डॉ. वीर सिंह ने जलवायु परिवर्तन और बर्फ पिघलने की प्रक्रिया से पड़ने वाले प्रभावों की जानकारी दी। संचालन डॉ. आशीष बहुगुणा ने किया। परिचर्चा में आकाश कश्यप, साक्षी वर्मा, सौरभ कुमार, दीपक कुमार मावत, प्रियांशु और आंचल आदि ने विचार रखे। संवाद
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