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World Updates: अफ्रीका में अमेरिकी वीजा दूतावासों में भारी कटौती, पाकिस्तान में सुरक्षाकर्मी की हत्या
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
Published by: राकेश कुमार
Updated Tue, 02 Jun 2026 05:16 AM IST
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पाकिस्तान में सुरक्षाकर्मी की हत्या, मामले की जांच में जुटी पुलिस
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के डेरा इस्माइल खान जिले में सोमवार को अज्ञात बंदूकधारियों ने ईद की छुट्टी पर आए एक अर्धसैनिक सैनिक की गोली मारकर हत्या कर दी और फरार हो गए। पिछले पांच दिनों में इस इलाके में सुरक्षाकर्मियों पर यह तीसरा हमला है, क्योंकि इससे पहले गुरुवार को भी कुलाची शहर में छुट्टी पर आए एक अन्य सैनिक की हत्या की गई थी। फिलहाल स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर हमलावरों को पकड़ने के लिए इलाके में बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया है, क्योंकि कुलाची का यह क्षेत्र लंबे समय से आतंकियों के निशाने पर रहा है और सुरक्षा बल यहां शांति बनाए रखने के लिए लगातार ऑपरेशन चला रहे हैं।
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पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के डेरा इस्माइल खान जिले में सोमवार को अज्ञात बंदूकधारियों ने ईद की छुट्टी पर आए एक अर्धसैनिक सैनिक की गोली मारकर हत्या कर दी और फरार हो गए। पिछले पांच दिनों में इस इलाके में सुरक्षाकर्मियों पर यह तीसरा हमला है, क्योंकि इससे पहले गुरुवार को भी कुलाची शहर में छुट्टी पर आए एक अन्य सैनिक की हत्या की गई थी। फिलहाल स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर हमलावरों को पकड़ने के लिए इलाके में बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया है, क्योंकि कुलाची का यह क्षेत्र लंबे समय से आतंकियों के निशाने पर रहा है और सुरक्षा बल यहां शांति बनाए रखने के लिए लगातार ऑपरेशन चला रहे हैं।
अफ्रीका में अमेरिकी वीजा दूतावासों में भारी कटौती
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ट्रंप प्रशासन की प्रवासन को सीमित करने और अस्थायी वीजा के दुरुपयोग को रोकने की नीति के तहत जून महीने में अफ्रीका में वीजा प्रोसेस करने वाले दूतावासों की संख्या को करीब 50 से घटाकर केवल 20 क्षेत्रीय केंद्रों तक सीमित करने जा रहा है। विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा मंजूर इस नए निर्देश के कारण अब उन देशों के नागरिकों को वीजा इंटरव्यू के लिए दूसरे देश की यात्रा करनी होगी जहां केंद्र बंद हो रहे हैं, जिससे उनका खर्च और परेशानी काफी बढ़ जाएगी। हालांकि, प्रभावित देशों में अमेरिकी दूतावास पूरी तरह बंद नहीं होंगे और वे अपने नागरिकों की मदद, पासपोर्ट रिन्यूअल तथा आपातकालीन सेवाओं का काम जारी रखेंगे, जबकि फुल वीजा प्रोसेसिंग के लिए लागोस, नैरोबी और जोहान्सबर्ग जैसे केवल 20 मुख्य शहर ही खुले रहेंगे।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ट्रंप प्रशासन की प्रवासन को सीमित करने और अस्थायी वीजा के दुरुपयोग को रोकने की नीति के तहत जून महीने में अफ्रीका में वीजा प्रोसेस करने वाले दूतावासों की संख्या को करीब 50 से घटाकर केवल 20 क्षेत्रीय केंद्रों तक सीमित करने जा रहा है। विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा मंजूर इस नए निर्देश के कारण अब उन देशों के नागरिकों को वीजा इंटरव्यू के लिए दूसरे देश की यात्रा करनी होगी जहां केंद्र बंद हो रहे हैं, जिससे उनका खर्च और परेशानी काफी बढ़ जाएगी। हालांकि, प्रभावित देशों में अमेरिकी दूतावास पूरी तरह बंद नहीं होंगे और वे अपने नागरिकों की मदद, पासपोर्ट रिन्यूअल तथा आपातकालीन सेवाओं का काम जारी रखेंगे, जबकि फुल वीजा प्रोसेसिंग के लिए लागोस, नैरोबी और जोहान्सबर्ग जैसे केवल 20 मुख्य शहर ही खुले रहेंगे।
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अफ्रीका ने भारत की चिकित्सा सहायता का किया स्वागत
अफ्रीका रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र ने इबोला से निपटने के लिए भारत सरकार की आपातकालीन चिकित्सा सहायता का स्वागत किया है। भारत ने लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो के पूर्वी क्षेत्रों में संक्रमण रोकने के लिए नैदानिक किट, दवाएं और चिकित्सा आपूर्ति भेजी है। अफ्रीका सीडीसी ने एक्स पर जानकारी दी कि यह सहायता युगांडा स्थित क्षेत्रीय समन्वय केंद्र के जरिये पहुंचाई गई है।
अफ्रीका रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र ने इबोला से निपटने के लिए भारत सरकार की आपातकालीन चिकित्सा सहायता का स्वागत किया है। भारत ने लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो के पूर्वी क्षेत्रों में संक्रमण रोकने के लिए नैदानिक किट, दवाएं और चिकित्सा आपूर्ति भेजी है। अफ्रीका सीडीसी ने एक्स पर जानकारी दी कि यह सहायता युगांडा स्थित क्षेत्रीय समन्वय केंद्र के जरिये पहुंचाई गई है।
कोलंबिया : राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप समर्थक उम्मीदवार को बढ़त
कोलंबिया में राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर में अपराध के खिलाफ सख्त रुख रखने वाले अबेलार्डो डे ला एस्प्रीएला ने बढ़त बना ली है। एस्प्रीएला को 44 फीसदी और उनके प्रतिद्वंद्वी इवान सेपेडा को 41 फीसदी वोट मिले। अब दोनों के बीच जून में दूसरे दौर का मुकाबला होगा। द टाइगर के नाम से मशहूर एस्प्रीएला खुद को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थक बताते हैं। लेकिन इस बीच वर्तमान राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो और उनके सहयोगी सेपेडा ने चुनावी नतीजों में हेरफेर का आरोप लगाया।
कोलंबिया में राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर में अपराध के खिलाफ सख्त रुख रखने वाले अबेलार्डो डे ला एस्प्रीएला ने बढ़त बना ली है। एस्प्रीएला को 44 फीसदी और उनके प्रतिद्वंद्वी इवान सेपेडा को 41 फीसदी वोट मिले। अब दोनों के बीच जून में दूसरे दौर का मुकाबला होगा। द टाइगर के नाम से मशहूर एस्प्रीएला खुद को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थक बताते हैं। लेकिन इस बीच वर्तमान राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो और उनके सहयोगी सेपेडा ने चुनावी नतीजों में हेरफेर का आरोप लगाया।
चीन : त्यिनमेन स्क्वायर नरसंहार की 37वीं बरसी पर निगरानी बढ़ी
त्यिनमेन स्क्वायर सैन्य कार्रवाई की 37वीं बरसी से पहले चीनी अधिकारियों ने देश भर में निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों ने सरकार से असंतुष्ट कार्यकर्ताओं पर यात्रा प्रतिबंध लगा दिए हैं। कई लोगों को घरों में कैद कर दिया है या उन्हें सार्वजनिक चर्चा न करने की चेतावनी मिली है। गौरतलब है कि 4 जून 1989 को बीजिंग में छात्र आंदोलन को कुचलने के लिए हुई कार्रवाई में हजारों लोग मारे गए थे। कम्युनिस्ट पार्टी हर साल इस दौरान सुरक्षा उपाय कड़े कर देती है।
त्यिनमेन स्क्वायर सैन्य कार्रवाई की 37वीं बरसी से पहले चीनी अधिकारियों ने देश भर में निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों ने सरकार से असंतुष्ट कार्यकर्ताओं पर यात्रा प्रतिबंध लगा दिए हैं। कई लोगों को घरों में कैद कर दिया है या उन्हें सार्वजनिक चर्चा न करने की चेतावनी मिली है। गौरतलब है कि 4 जून 1989 को बीजिंग में छात्र आंदोलन को कुचलने के लिए हुई कार्रवाई में हजारों लोग मारे गए थे। कम्युनिस्ट पार्टी हर साल इस दौरान सुरक्षा उपाय कड़े कर देती है।
दक्षिण कोरियाई रक्षा कंपनी में धमाका, पांच लोगों की मौत
दक्षिण कोरिया डेजॉन शहर स्थित रक्षा कंपनी ‘हानव्हा एयरोस्पेस’ के एक हिस्से में सोमवार को हुए धमाके और उसके बाद लगी आग में पांच लोगों की मौत हो गई तथा दो अन्य घायल हो गए। कंपनी में बड़े आकार के प्रणोदक (प्रोपेलेंट) व सतह से सतह पर मार करने वाली हथियार प्रणालियां बनाई जाती हैं। यह क्षेत्र सरकार द्वारा अधिसूचित एक सुरक्षा प्रतिष्ठान है।
दक्षिण कोरिया डेजॉन शहर स्थित रक्षा कंपनी ‘हानव्हा एयरोस्पेस’ के एक हिस्से में सोमवार को हुए धमाके और उसके बाद लगी आग में पांच लोगों की मौत हो गई तथा दो अन्य घायल हो गए। कंपनी में बड़े आकार के प्रणोदक (प्रोपेलेंट) व सतह से सतह पर मार करने वाली हथियार प्रणालियां बनाई जाती हैं। यह क्षेत्र सरकार द्वारा अधिसूचित एक सुरक्षा प्रतिष्ठान है।
फ्रांस ने रूस का तेल टैंकर रोका : मैंक्रों
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा, सोमवार को फ्रांस नौसेना ने अटलांटिक महासागर में रूस से आ रहे एक प्रतिबंधित तेल टैंकर को रोक लिया है। तगोर नामक जहाज को 31 मई की सुबह अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में चलाए गए एक अभियान के दौरान फ्रांसीसी नौसेना ने रोका। यह अभियान ब्रिटेन व कई साझेदारों की मदद से चलाया गया। इसमें अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून का सख्त पालन किया गया।
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा, सोमवार को फ्रांस नौसेना ने अटलांटिक महासागर में रूस से आ रहे एक प्रतिबंधित तेल टैंकर को रोक लिया है। तगोर नामक जहाज को 31 मई की सुबह अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में चलाए गए एक अभियान के दौरान फ्रांसीसी नौसेना ने रोका। यह अभियान ब्रिटेन व कई साझेदारों की मदद से चलाया गया। इसमें अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून का सख्त पालन किया गया।
बांग्लादेश, साइप्रस यूएनजीए के 81वें सत्र के अध्यक्ष की दौड़ में
बांग्लादेश और साइप्रस संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए मंगलवार को आमने-सामने होंगे। चुनाव पर दुनिया की नजर है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान और साइप्रस के बहुपक्षीय मामलों के विशेष दूत एंड्रियास काकौरिस 193 सदस्यीय महासभा के 81वें सत्र की अध्यक्षता करने की दौड़ में शामिल हैं। यूएन की प्रमुख विचार-विमर्श, नीति निर्माण और प्रतिनिधि संस्था, महासभा (यूएनजीए) में 81वें सत्राध्यक्ष का चुनाव एशिया-प्रशांत से होगा। यह चुनाव 193 सदस्यीय महासभा द्वारा 2027-28 कार्यकाल के लिए 15 देशों की सुरक्षा परिषद में पांच नए अस्थायी सदस्यों के चुनाव से एक दिन पहले होगा।
बांग्लादेश और साइप्रस संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए मंगलवार को आमने-सामने होंगे। चुनाव पर दुनिया की नजर है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान और साइप्रस के बहुपक्षीय मामलों के विशेष दूत एंड्रियास काकौरिस 193 सदस्यीय महासभा के 81वें सत्र की अध्यक्षता करने की दौड़ में शामिल हैं। यूएन की प्रमुख विचार-विमर्श, नीति निर्माण और प्रतिनिधि संस्था, महासभा (यूएनजीए) में 81वें सत्राध्यक्ष का चुनाव एशिया-प्रशांत से होगा। यह चुनाव 193 सदस्यीय महासभा द्वारा 2027-28 कार्यकाल के लिए 15 देशों की सुरक्षा परिषद में पांच नए अस्थायी सदस्यों के चुनाव से एक दिन पहले होगा।
ब्रिटेन : भारतीय को बुलाकर नहीं दिया काम, देना होगा 35.8 लाख मुआवजा
ब्रिटेन में रहने वाले केरल के युवक शाबिन शाजी को रोजगार विवाद में बड़ी कानूनी जीत मिली है। ब्रिटेन के एक रोजगार न्यायाधिकरण ने उनकी पूर्व नियोक्ता कंपनी स्वान केयर सोल्यूशंस लिमिटेड को 28,000 पाउंड (करीब 35.84 लाख रुपये) मुआवजा देने का आदेश दिया है।
न्यायाधिकरण ने पाया कि भारतीय कर्मी को काम दिलाने की जिम्मेदारी लेने वाली कंपनी उसे काम नहीं दिला शाबिन स्वास्थ्य एवं देखभाल कर्मी वीजा के तहत ब्रिटेन पहुंचा। लेकिन कंपनी ने न तो उन्हें कोई काम दिया और न ही वेतन का भुगतान किया। शाजी स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में नौकरी के लिए स्वान केयर सॉल्यूशंस लिमिटेड से आवश्यक ‘स्पॉन्सरशिप’ प्रमाणपत्र प्राप्त किया था। उन्होंने हाल ही में बर्मिंघम के रोजगार न्यायाधिकरण को बताया कि स्पॉन्सर कंपनी ने उनको काम काम नहीं दिया, जिससे वेतन न आने के कारण उन्हें बेहद आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ा। जज एडमंड्स ने कहा, कंपनी को बकाया वेतन, अवकाश वेतन और अन्य क्षतिपूर्ति के अलावा कानूनी कार्यवाही का खर्च भी वहन करने का निर्देश दिया जाता है।
ब्रिटेन में रहने वाले केरल के युवक शाबिन शाजी को रोजगार विवाद में बड़ी कानूनी जीत मिली है। ब्रिटेन के एक रोजगार न्यायाधिकरण ने उनकी पूर्व नियोक्ता कंपनी स्वान केयर सोल्यूशंस लिमिटेड को 28,000 पाउंड (करीब 35.84 लाख रुपये) मुआवजा देने का आदेश दिया है।
न्यायाधिकरण ने पाया कि भारतीय कर्मी को काम दिलाने की जिम्मेदारी लेने वाली कंपनी उसे काम नहीं दिला शाबिन स्वास्थ्य एवं देखभाल कर्मी वीजा के तहत ब्रिटेन पहुंचा। लेकिन कंपनी ने न तो उन्हें कोई काम दिया और न ही वेतन का भुगतान किया। शाजी स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में नौकरी के लिए स्वान केयर सॉल्यूशंस लिमिटेड से आवश्यक ‘स्पॉन्सरशिप’ प्रमाणपत्र प्राप्त किया था। उन्होंने हाल ही में बर्मिंघम के रोजगार न्यायाधिकरण को बताया कि स्पॉन्सर कंपनी ने उनको काम काम नहीं दिया, जिससे वेतन न आने के कारण उन्हें बेहद आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ा। जज एडमंड्स ने कहा, कंपनी को बकाया वेतन, अवकाश वेतन और अन्य क्षतिपूर्ति के अलावा कानूनी कार्यवाही का खर्च भी वहन करने का निर्देश दिया जाता है।
एआई से आवाज की नकल कर ठगी का नया जाल, अमेरिकियों को करीब 7,600 करोड़ रुपये का नुकसान
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर ठगी के नए तरीके भी सामने आ रहे हैं। इनमें सबसे चिंताजनक तरीका वॉइस क्लोनिंग यानी किसी व्यक्ति की आवाज की कृत्रिम नकल तैयार करना है। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार कैलिफोर्निया की एक महिला हाल ही में ऐसी ही ठगी का शिकार हुईं। उन्हें एक फोन कॉल आया जिसमें दूसरी तरफ से उनकी बेटी जैसी आवाज सुनाई दी।
कॉल करने वाले ने खुद को परेशानी में बताया और तत्काल पैसे भेजने का दबाव बनाया। महिला ने मदद के लिए रकम भेज दी, लेकिन बाद में जब उन्होंने अपनी बेटी से सीधे संपर्क किया तो पता चला कि वह सुरक्षित थी और अपने कार्यस्थल पर मौजूद थी। इसके बाद महिला को एहसास हुआ कि संभवतः वह एआई से तैयार की गई नकली आवाज वाली ठगी का शिकार बनी हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार वॉइस क्लोनिंग के लिए अपराधियों को किसी व्यक्ति की लंबी रिकॉर्डिंग की जरूरत नहीं होती। अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) के अनुसार पिछले वर्ष अमेरिकियों को एआई से जुड़ी विभिन्न प्रकार की ठगी में 893 मिलियन डॉलर यानी करीब 7,600 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इसमें वॉइस क्लोनिंग हमलों के अलावा एआई से तैयार किए गए फिशिंग ईमेल, रोमांस स्कैम और अन्य डिजिटल धोखाधड़ी भी शामिल हैं। यह आंकड़ा बताता है कि एआई आधारित ठगी अब साइबर अपराध का तेजी से फैलता हुआ और आर्थिक रूप से गंभीर खतरा बन चुकी है।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर ठगी के नए तरीके भी सामने आ रहे हैं। इनमें सबसे चिंताजनक तरीका वॉइस क्लोनिंग यानी किसी व्यक्ति की आवाज की कृत्रिम नकल तैयार करना है। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार कैलिफोर्निया की एक महिला हाल ही में ऐसी ही ठगी का शिकार हुईं। उन्हें एक फोन कॉल आया जिसमें दूसरी तरफ से उनकी बेटी जैसी आवाज सुनाई दी।
कॉल करने वाले ने खुद को परेशानी में बताया और तत्काल पैसे भेजने का दबाव बनाया। महिला ने मदद के लिए रकम भेज दी, लेकिन बाद में जब उन्होंने अपनी बेटी से सीधे संपर्क किया तो पता चला कि वह सुरक्षित थी और अपने कार्यस्थल पर मौजूद थी। इसके बाद महिला को एहसास हुआ कि संभवतः वह एआई से तैयार की गई नकली आवाज वाली ठगी का शिकार बनी हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार वॉइस क्लोनिंग के लिए अपराधियों को किसी व्यक्ति की लंबी रिकॉर्डिंग की जरूरत नहीं होती। अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) के अनुसार पिछले वर्ष अमेरिकियों को एआई से जुड़ी विभिन्न प्रकार की ठगी में 893 मिलियन डॉलर यानी करीब 7,600 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इसमें वॉइस क्लोनिंग हमलों के अलावा एआई से तैयार किए गए फिशिंग ईमेल, रोमांस स्कैम और अन्य डिजिटल धोखाधड़ी भी शामिल हैं। यह आंकड़ा बताता है कि एआई आधारित ठगी अब साइबर अपराध का तेजी से फैलता हुआ और आर्थिक रूप से गंभीर खतरा बन चुकी है।