गुड़गांव। जिले में डेंगू और मलेरिया के साथ मौसमी बीमारियों का प्रकोप भी बढ़ रहा है। केवल सिविल अस्पताल ही नहीं, बल्कि निजी अस्पतालों में भी बेड कम पड़ने लगे हैं। हालात यहां से समझे जा सकते हैं कि कई मरीजों का तो स्ट्रेचर पर इलाज हो रहा है।
सिविल अस्पताल में सामान्य ओपीडी एक हजार के आसपास रहती है। पिछले करीब एक सप्ताह से ओपीडी 1200 के ऊपर चल रही है। यही हाल इंडोर ओपीडी का भी है। 200 बेड वाले सिविल अस्पताल में इंडोर ओपीडी 250 से ऊपर है। मरीजों की संख्या इतनी अधिक है कि एक बेड पर दो मरीज रखने पड़ रहे हैं। कई मरीजों को तो स्ट्रेचर पर लिटाकर उपचार दिया जा रहा है। यही हाल निजी अस्पतालों में भी है। वहां बेड कम पड़ने लगे हैं। इसके कारण सबसे ज्यादा परेशानी डेंगू के मरीजों को आ रही है। राजपुर निवासी नरेश ने बताया कि उनकी पत्नी सुनीता को डेंगू हुआ है। एक निजी अस्पताल में तो जगह ही नहीं मिली। दूसरे अस्पताल में पहुंचा तो बेड मिलने में छह घंटे लग गए। इस दौरान डॉक्टर्स ने स्ट्रेचर पर ही इलाज किया।
शहर के एक निजी अस्पताल में इंटरनल मेडिसन डिपार्टमेंट के प्रमुख डॉ. सतीश ने बताया कि इन दिनों सबसे ज्यादा मरीज एलर्जिक राइनाइटिस (सर्दी जुकाम), ब्रोंकियल अस्थमा, एलर्जी और वायरल के आ रहे हैं। नमी बढ़ने से ब्लड प्रेशर, शुगर और कैलस्ट्राल के मरीजों की परेशानियां भी बढ़ रही हैं। हवा में संक्रमण ज्यादा है। इस कारण बेहद एहतियात बरतने की जरूरत है।