{"_id":"6a1ded7c899f3e14b40d878c","slug":"dried-up-tube-wells-faulty-motors-50000-people-thirst-for-every-drop-panchkula-news-c-87-1-pan1010-137095-2026-06-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: सूखे ट्यूबवेल, खराब मोटर... बूंद-बूंद को तरसे 50 हजार लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: सूखे ट्यूबवेल, खराब मोटर... बूंद-बूंद को तरसे 50 हजार लोग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
सेक्टर-10, 16, 8 और 3 में गहराया जल संकट, ट्यूबवेल सूखा और मोटर खराब; लो-प्रेशर सप्लाई से बढ़ी परेशानी
चरन सिंह टिब्बी
पंचकूला। भीषण गर्मी के बीच पंचकूला में पेयजल संकट विकराल रूप लेता जा रहा है। सेक्टर-10, 16, 8 और 3 समेत कई इलाकों में करीब 50 हजार लोग पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। सबसे खराब स्थिति सेक्टर-10 की है, जहां एक ट्यूबवेल सूखने और दूसरे की मोटर खराब होने से पिछले करीब 10 दिनों से जलापूर्ति प्रभावित है। हालात ऐसे हैं कि लोगों को सुबह-शाम पानी का इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि कई क्षेत्रों में लो-प्रेशर सप्लाई के कारण पहली मंजिल तक पानी नहीं पहुंच रहा।
गर्मी बढ़ने के साथ पानी की मांग में तेजी आई है, लेकिन जलापूर्ति व्यवस्था लोगों की जरूरत पूरी नहीं कर पा रही। कई परिवारों को पानी खरीदने तक की नौबत आ गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हर साल गर्मियों में यही संकट खड़ा होता है, लेकिन विभाग समय रहते कोई ठोस तैयारी नहीं करता।
सेक्टर-10 में जलापूर्ति के लिए पांच ट्यूबवेल हैं। इनमें से एक पहले ही सूख चुका है, जबकि ट्यूबवेल नंबर-2 की मोटर रविवार को खराब हो गई। इसके बाद पूरे इलाके में पानी का प्रेशर और कम हो गया। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मोटर को ठीक करने का काम जारी है और इसे जल्द चालू कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
विभाग के अनुसार सेक्टर-5 से अतिरिक्त पानी सेक्टर-10 को भेजा जा रहा है। सेक्टर-5 में आठ ट्यूबवेल हैं, लेकिन वहां भी सरकारी और निजी कार्यालयों के कारण पानी की खपत अधिक रहती है। इसके बावजूद राहत के लिए अतिरिक्त सप्लाई दी जा रही है। हालांकि, लोगों का कहना है कि इसका असर जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं दे रहा।
उधर सेक्टर-8, 16 और 3 के निवासियों ने भी लो-प्रेशर से पानी आने की शिकायत की है। कई इलाकों में लोगों को टैंकरों के सहारे काम चलाना पड़ रहा है। पानी की कमी से घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहे हैं और सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को उठानी पड़ रही है।
लोगों ने प्रशासन से खराब ट्यूबवेलों को तत्काल दुरुस्त करने और वैकल्पिक जलापूर्ति व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में संकट और गहरा सकता है।
पर्याप्त पानी नहीं आ रहा
पिछले कई दिनों से घर में पर्याप्त पानी नहीं आ रहा। सुबह जल्दी उठकर पानी भरना पड़ता है। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। विभाग को स्थायी समाधान करना चाहिए।
-आरसी गुप्ता, सेक्टर-16 निवासी
दूसरी मंजिल तक पानी नहीं पहुंच रहा
लो-प्रेशर की वजह से दूसरी मंजिल तक पानी नहीं पहुंच रहा। कई बार शिकायत देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
-भवना गुप्ता, पूर्व पार्षद, सेक्टर-16
पानी की सप्लाई बेहद कम
सुबह और शाम दोनों समय पानी की सप्लाई बेहद कम रहती है। कई लोगों को मजबूरी में बाजार से पानी खरीदना पड़ रहा है।
- अनीता देवी, सेक्टर-3 निवासी
कामकाज प्रभावित हो रहा है
घर के कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। पानी की कमी का सबसे ज्यादा असर महिलाओं पर पड़ता है।
- रीना बंसल, सेक्टर-8 निवासी
पूरे इलाके में पानी का संकट
ट्यूबवेल खराब होने से पूरे इलाके में संकट गहरा गया है। प्रशासन को पहले से वैकल्पिक व्यवस्था तैयार रखनी चाहिए।
- शिव कुमार, सेक्टर-10 निवासी
खामियाजा जनता भुगत रही
हर साल गर्मियों में यही हाल होता है। समय रहते तैयारी नहीं होने का खामियाजा जनता भुगत रही है।
-आरपी मल्होत्रा, सेक्टर-8 निवासी।
चरन सिंह टिब्बी
पंचकूला। भीषण गर्मी के बीच पंचकूला में पेयजल संकट विकराल रूप लेता जा रहा है। सेक्टर-10, 16, 8 और 3 समेत कई इलाकों में करीब 50 हजार लोग पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। सबसे खराब स्थिति सेक्टर-10 की है, जहां एक ट्यूबवेल सूखने और दूसरे की मोटर खराब होने से पिछले करीब 10 दिनों से जलापूर्ति प्रभावित है। हालात ऐसे हैं कि लोगों को सुबह-शाम पानी का इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि कई क्षेत्रों में लो-प्रेशर सप्लाई के कारण पहली मंजिल तक पानी नहीं पहुंच रहा।
गर्मी बढ़ने के साथ पानी की मांग में तेजी आई है, लेकिन जलापूर्ति व्यवस्था लोगों की जरूरत पूरी नहीं कर पा रही। कई परिवारों को पानी खरीदने तक की नौबत आ गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हर साल गर्मियों में यही संकट खड़ा होता है, लेकिन विभाग समय रहते कोई ठोस तैयारी नहीं करता।
विज्ञापन
विज्ञापन
सेक्टर-10 में जलापूर्ति के लिए पांच ट्यूबवेल हैं। इनमें से एक पहले ही सूख चुका है, जबकि ट्यूबवेल नंबर-2 की मोटर रविवार को खराब हो गई। इसके बाद पूरे इलाके में पानी का प्रेशर और कम हो गया। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मोटर को ठीक करने का काम जारी है और इसे जल्द चालू कर दिया जाएगा।
Trending Videos
विभाग के अनुसार सेक्टर-5 से अतिरिक्त पानी सेक्टर-10 को भेजा जा रहा है। सेक्टर-5 में आठ ट्यूबवेल हैं, लेकिन वहां भी सरकारी और निजी कार्यालयों के कारण पानी की खपत अधिक रहती है। इसके बावजूद राहत के लिए अतिरिक्त सप्लाई दी जा रही है। हालांकि, लोगों का कहना है कि इसका असर जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं दे रहा।
उधर सेक्टर-8, 16 और 3 के निवासियों ने भी लो-प्रेशर से पानी आने की शिकायत की है। कई इलाकों में लोगों को टैंकरों के सहारे काम चलाना पड़ रहा है। पानी की कमी से घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहे हैं और सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को उठानी पड़ रही है।
लोगों ने प्रशासन से खराब ट्यूबवेलों को तत्काल दुरुस्त करने और वैकल्पिक जलापूर्ति व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में संकट और गहरा सकता है।
पर्याप्त पानी नहीं आ रहा
पिछले कई दिनों से घर में पर्याप्त पानी नहीं आ रहा। सुबह जल्दी उठकर पानी भरना पड़ता है। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। विभाग को स्थायी समाधान करना चाहिए।
-आरसी गुप्ता, सेक्टर-16 निवासी
दूसरी मंजिल तक पानी नहीं पहुंच रहा
लो-प्रेशर की वजह से दूसरी मंजिल तक पानी नहीं पहुंच रहा। कई बार शिकायत देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
-भवना गुप्ता, पूर्व पार्षद, सेक्टर-16
पानी की सप्लाई बेहद कम
सुबह और शाम दोनों समय पानी की सप्लाई बेहद कम रहती है। कई लोगों को मजबूरी में बाजार से पानी खरीदना पड़ रहा है।
- अनीता देवी, सेक्टर-3 निवासी
कामकाज प्रभावित हो रहा है
घर के कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। पानी की कमी का सबसे ज्यादा असर महिलाओं पर पड़ता है।
- रीना बंसल, सेक्टर-8 निवासी
पूरे इलाके में पानी का संकट
ट्यूबवेल खराब होने से पूरे इलाके में संकट गहरा गया है। प्रशासन को पहले से वैकल्पिक व्यवस्था तैयार रखनी चाहिए।
- शिव कुमार, सेक्टर-10 निवासी
खामियाजा जनता भुगत रही
हर साल गर्मियों में यही हाल होता है। समय रहते तैयारी नहीं होने का खामियाजा जनता भुगत रही है।
-आरपी मल्होत्रा, सेक्टर-8 निवासी।