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Panchkula News: पंचकूला में अवैध कब्जे तोड़ने का अभियान पहले दिन ही फेल
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पुलिस फोर्स न मिलने से अभियान अटका, जिला मजिस्ट्रेट ने 31 मई को जारी किए आदेश, हुडा ने 29 मई को तैयार की थी रूपरेखा
175 लोगों को पहले भी एचएसवीपी दे चुका है, नोटिस, कार्रवाई ने नाम पर खानापूर्ति की, हाईकोर्ट के आदेश पर भी कार्रवाई नहीं
दीपक शाही
पंचकूला। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के सख्त आदेश के बाद पंचकूला को अवैध कब्जों से मुक्त कराने का दावा करने वाला हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण का महा-तोड़फोड़ अभियान पहले ही दिन फेल हो गया। एक जून से 10 जुलाई 2026 तक चलने वाले इस 40 दिवसीय अभियान के तहत शहर के अलग-अलग सेक्टरों में सड़कों के किनारे (रोड बर्म) किए गए अवैध निर्माणों और स्टिल्ट+4 मंजिला इमारतों की आड़ में ग्रीन बेल्ट के कब्जों को तोड़ा जाना था। हमेशा की तरह हुडा का एक्शन प्लान धरातल पर आने से पहले ही ढेर हो गया। सूत्रों के मुताबिक, पहले दिन इस अभियान के फेल होने के पीछे हुडा को 50 पुलिस मुलाजिमों का न मिलना बताया जा रहा है। वहीं अपनी नाकामी छिपाने के लिए हुडा अधिकारी 7 दिनों के एक और नोटिस का नया राग अलाप रहे हैं।
जिला मजिस्ट्रेट के आदेश और तैयारियों का ड्रामा क्यों
हुडा के अधिकारियों का कहना है कि अभी 7 दिनों का नोटिस जारी करने की तैयारी है जो समझ से परे है। हैरानी की बात यह है कि जब 40 दिनों के इस महाअभियान को लेकर हुडा के संपदा अधिकारी (एस्टेट ऑफिसर) ने 29 मई 2026 को ही जिला प्रशासन को पत्र लिखकर ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की मांग की थी तो अब नोटिस का नाटक क्यों? पंचकूला के जिला मजिस्ट्रेट सतपाल शर्मा ने रविवार, 31 मई को ही आधिकारिक आदेश जारी कर शेड्यूल पर मुहर लगा दी थी। जिला मजिस्ट्रेट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 16 (i) और 17 (ii) के तहत विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए हुडा के विभिन्न उपमंडल अभियंताओं (एसडीई) को बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात भी कर दिया था। इसके बावजूद पहले दिन की कार्रवाई शून्य रही।
प्रशासन नतमस्तक, 175 मकान मालिकों को नोटिस भी बेअसर
यह कोई पहला मौका नहीं है जब हुडा बैकफुट पर आया हो। इससे पहले एचएसवीपी ने सेक्टर-11 में 175 मकान मालिकों को धारा 18(1) बी के तहत बाकायदा कानूनी नोटिस जारी कर एक महीने का समय दिया था। अवधि बीतने के बाद भी जब लोगों ने कब्जे नहीं हटाए तो 29 मई को हुडा की टीम जेसीबी लेकर सेक्टर-11 पहुंची। वहां लोगों के भारी विरोध और जबरदस्त राजनीतिक दबाव के आगे अधिकारियों ने घुटने टेक दिए और टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा। उस कार्रवाई के बाद से आज तक वहां दोबारा कोई सुगबुगाहट नहीं हुई।
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मुस्तैद हैं जेसीबी, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड
कागजी आदेशों के मुताबिक, मुहिम को सिरे चढ़ाने के लिए डीसीपी पंचकूला को साफ निर्देश हैं कि वे तोड़फोड़ के दौरान विभिन्न थानों के एसएचओ की अगुवाई में 50 पुलिस जवानों (30 पुरुष और 20 महिला पुलिसकर्मी) की टुकड़ी मुस्तैद रखें। यह फोर्स ड्यूटी मजिस्ट्रेट की सुरक्षा के साथ-साथ मौके पर ट्रैफिक और कानून व्यवस्था संभालेगी। इसके अलावा, हुडा के कार्यकारी अभियंताओं को हर कार्रवाई के दौरान भारी लेबर के साथ 2 जेसीबी और 1 ट्रैक्टर-ट्रॉली तैनात रखने को कहा है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की एक एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड को भी अलर्ट पर रखा है, लेकिन ये तमाम इंतजाम पहले दिन सिर्फ फाइलों में ही मुस्तैद दिखे।
कोर्ट से स्टे तो नहीं, पहले जांचेंगे अधिकारी
जिला मजिस्ट्रेट की ओर से संपदा अधिकारी को सख्त हिदायत दी गई है कि जिस भी जमीन या निर्माण पर पीला पंजा चलाया जाना है उसकी कानूनी जांच पहले ही कर ली जाए। अधिकारी सुनिश्चित करेंगे कि संबंधित अवैध कब्जे पर किसी भी सक्षम अदालत या अथॉरिटी की तरफ से कोई स्थगन आदेश (स्टे) जारी न हुआ हो। पूरे अभियान की ओवरऑल कमान पंचकूला और कालका के उपमंडलाधीश (एसडीएम) को सौंपी गई है।
जानिए, आपके सेक्टर में कब होनी है कब्जे तोड़ने की कार्रवाई
01 जून से 05 जून सेक्टर- 8, 9, 10 और 11 सुशील, एसडीई (हुडा डिवीजन-2)
-08 जून से 12 जून सेक्टर- 23, 25, 26, 27, 28 और 31 रामपाल, एसडीई (हुडा डिवीजन-1)
-15, 16, 18 और 19 जून सेक्टर- 12, 12ए, 15, 16 और 17 उमेश कुमार, एसडीई (हुडा डिवीजन-1)
-22 से 26 जून सेक्टर- 2, 4, 6 और 7 भूपिंदर सिंह, एसडीई (हुडा डिवीजन-1)
-30 से 03 जुलाई सेक्टर-19, 20 और 21 बलजीत सिंह, एसडीई (हुडा डिवीजन-1)
-06 से 10 जुलाई एमडीसी (एमडीसी) के सभी सेक्टर
कोट
पंचकूला में हाईकोर्ट के आदेश के बाद एंटी-एनक्रोचमेंट ड्राइव चलाया जाएगा। इसके लिए शेड्यूल जारी किया गया है। अभी पहले सात दिन लोगों को नोटिस भेजे जाएंगे। उसके बाद विभाग कार्रवाई करेगा। -ईओ, एचएसवीपी
कोट
अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिस बल मांगा गया था या नहीं, इसकी जांच करवाई जाएगी। जहां भी पुलिस कर्मियों की जरूरत होती है, वहां तत्काल पुलिस बल उपलब्ध कराया जाता है। -सृष्टि गुप्ता, डीसीपी पंचकूला
175 लोगों को पहले भी एचएसवीपी दे चुका है, नोटिस, कार्रवाई ने नाम पर खानापूर्ति की, हाईकोर्ट के आदेश पर भी कार्रवाई नहीं
दीपक शाही
पंचकूला। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के सख्त आदेश के बाद पंचकूला को अवैध कब्जों से मुक्त कराने का दावा करने वाला हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण का महा-तोड़फोड़ अभियान पहले ही दिन फेल हो गया। एक जून से 10 जुलाई 2026 तक चलने वाले इस 40 दिवसीय अभियान के तहत शहर के अलग-अलग सेक्टरों में सड़कों के किनारे (रोड बर्म) किए गए अवैध निर्माणों और स्टिल्ट+4 मंजिला इमारतों की आड़ में ग्रीन बेल्ट के कब्जों को तोड़ा जाना था। हमेशा की तरह हुडा का एक्शन प्लान धरातल पर आने से पहले ही ढेर हो गया। सूत्रों के मुताबिक, पहले दिन इस अभियान के फेल होने के पीछे हुडा को 50 पुलिस मुलाजिमों का न मिलना बताया जा रहा है। वहीं अपनी नाकामी छिपाने के लिए हुडा अधिकारी 7 दिनों के एक और नोटिस का नया राग अलाप रहे हैं।
जिला मजिस्ट्रेट के आदेश और तैयारियों का ड्रामा क्यों
हुडा के अधिकारियों का कहना है कि अभी 7 दिनों का नोटिस जारी करने की तैयारी है जो समझ से परे है। हैरानी की बात यह है कि जब 40 दिनों के इस महाअभियान को लेकर हुडा के संपदा अधिकारी (एस्टेट ऑफिसर) ने 29 मई 2026 को ही जिला प्रशासन को पत्र लिखकर ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की मांग की थी तो अब नोटिस का नाटक क्यों? पंचकूला के जिला मजिस्ट्रेट सतपाल शर्मा ने रविवार, 31 मई को ही आधिकारिक आदेश जारी कर शेड्यूल पर मुहर लगा दी थी। जिला मजिस्ट्रेट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 16 (i) और 17 (ii) के तहत विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए हुडा के विभिन्न उपमंडल अभियंताओं (एसडीई) को बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात भी कर दिया था। इसके बावजूद पहले दिन की कार्रवाई शून्य रही।
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प्रशासन नतमस्तक, 175 मकान मालिकों को नोटिस भी बेअसर
यह कोई पहला मौका नहीं है जब हुडा बैकफुट पर आया हो। इससे पहले एचएसवीपी ने सेक्टर-11 में 175 मकान मालिकों को धारा 18(1) बी के तहत बाकायदा कानूनी नोटिस जारी कर एक महीने का समय दिया था। अवधि बीतने के बाद भी जब लोगों ने कब्जे नहीं हटाए तो 29 मई को हुडा की टीम जेसीबी लेकर सेक्टर-11 पहुंची। वहां लोगों के भारी विरोध और जबरदस्त राजनीतिक दबाव के आगे अधिकारियों ने घुटने टेक दिए और टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा। उस कार्रवाई के बाद से आज तक वहां दोबारा कोई सुगबुगाहट नहीं हुई।
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कागजी आदेशों के मुताबिक, मुहिम को सिरे चढ़ाने के लिए डीसीपी पंचकूला को साफ निर्देश हैं कि वे तोड़फोड़ के दौरान विभिन्न थानों के एसएचओ की अगुवाई में 50 पुलिस जवानों (30 पुरुष और 20 महिला पुलिसकर्मी) की टुकड़ी मुस्तैद रखें। यह फोर्स ड्यूटी मजिस्ट्रेट की सुरक्षा के साथ-साथ मौके पर ट्रैफिक और कानून व्यवस्था संभालेगी। इसके अलावा, हुडा के कार्यकारी अभियंताओं को हर कार्रवाई के दौरान भारी लेबर के साथ 2 जेसीबी और 1 ट्रैक्टर-ट्रॉली तैनात रखने को कहा है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की एक एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड को भी अलर्ट पर रखा है, लेकिन ये तमाम इंतजाम पहले दिन सिर्फ फाइलों में ही मुस्तैद दिखे।
कोर्ट से स्टे तो नहीं, पहले जांचेंगे अधिकारी
जिला मजिस्ट्रेट की ओर से संपदा अधिकारी को सख्त हिदायत दी गई है कि जिस भी जमीन या निर्माण पर पीला पंजा चलाया जाना है उसकी कानूनी जांच पहले ही कर ली जाए। अधिकारी सुनिश्चित करेंगे कि संबंधित अवैध कब्जे पर किसी भी सक्षम अदालत या अथॉरिटी की तरफ से कोई स्थगन आदेश (स्टे) जारी न हुआ हो। पूरे अभियान की ओवरऑल कमान पंचकूला और कालका के उपमंडलाधीश (एसडीएम) को सौंपी गई है।
जानिए, आपके सेक्टर में कब होनी है कब्जे तोड़ने की कार्रवाई
01 जून से 05 जून सेक्टर- 8, 9, 10 और 11 सुशील, एसडीई (हुडा डिवीजन-2)
-08 जून से 12 जून सेक्टर- 23, 25, 26, 27, 28 और 31 रामपाल, एसडीई (हुडा डिवीजन-1)
-15, 16, 18 और 19 जून सेक्टर- 12, 12ए, 15, 16 और 17 उमेश कुमार, एसडीई (हुडा डिवीजन-1)
-22 से 26 जून सेक्टर- 2, 4, 6 और 7 भूपिंदर सिंह, एसडीई (हुडा डिवीजन-1)
-30 से 03 जुलाई सेक्टर-19, 20 और 21 बलजीत सिंह, एसडीई (हुडा डिवीजन-1)
-06 से 10 जुलाई एमडीसी (एमडीसी) के सभी सेक्टर
कोट
पंचकूला में हाईकोर्ट के आदेश के बाद एंटी-एनक्रोचमेंट ड्राइव चलाया जाएगा। इसके लिए शेड्यूल जारी किया गया है। अभी पहले सात दिन लोगों को नोटिस भेजे जाएंगे। उसके बाद विभाग कार्रवाई करेगा। -ईओ, एचएसवीपी
कोट
अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिस बल मांगा गया था या नहीं, इसकी जांच करवाई जाएगी। जहां भी पुलिस कर्मियों की जरूरत होती है, वहां तत्काल पुलिस बल उपलब्ध कराया जाता है। -सृष्टि गुप्ता, डीसीपी पंचकूला