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Panchkula News: महंगाई के खिलाफ डीसी कार्यालय पर इनेलो का प्रदर्शन, पीएम के नाम सौंपा ज्ञापन
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बढ़ती कीमतों पर जताया रोष, प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, ईंधन को जीएसटी के दायरे में लाने और एक्साइज ड्यूटी खत्म करने की मांग
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, सीएनजी और अन्य आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के विरोध में इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) कार्यकर्ताओं ने सोमवार को उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एसडीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन का नेतृत्व इनेलो जिलाध्यक्ष सतिंदर टोनी और शहरी जिलाध्यक्ष मनोज अग्रवाल ने किया। इस दौरान नेताओं ने कहा कि ईंधन की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि का असर आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ रहा है। महंगाई ने गरीब और मध्यम वर्ग की आर्थिक स्थिति को प्रभावित किया है।
सतिंदर टोनी ने कहा कि पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से परिवहन लागत में इजाफा हुआ है, जिसका सीधा असर खाद्य पदार्थों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर पड़ा है। शहरी जिलाध्यक्ष मनोज अग्रवाल ने कहा कि डीजल महंगा होने से किसानों की लागत बढ़ गई है। वहीं होटल और ढाबों पर खाने-पीने की वस्तुएं भी महंगी हो गई हैं। इनेलो के पंचकूला प्रभारी संदीप गोयत ने कहा कि स्कूल खुलने के साथ बस फीस में वृद्धि का बोझ भी अभिभावकों पर पड़ सकता है।
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महिला जिलाध्यक्ष सुरेश ने कहा कि घी, तेल, चीनी, चावल और दालों समेत अधिकांश खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़ने से घर का बजट प्रभावित हुआ है। व्यापार प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष शिट्टू राणा ने भी व्यापारियों और आम जनता पर महंगाई के असर का मुद्दा उठाया।
इस अवसर पर वरिष्ठ नेता राकेश गोयल, सत्यव्रत धनखड़, गुरदास, जय किशन, गुरदीश, मनोज गुर्जर, आशीष रंगा, हरेंद्र, नवीन जायसवाल, गीता, योगेश्वर शर्मा, हरेन्द्र देशवाल, बिल्लू प्रधान, भूषण राणा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रमुख मांगें
पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाए।
ईंधन पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी समाप्त की जाए।
आम जनता को राहत देने के लिए कीमतों में तत्काल कटौती की जाए।
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, सीएनजी और अन्य आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के विरोध में इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) कार्यकर्ताओं ने सोमवार को उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एसडीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन का नेतृत्व इनेलो जिलाध्यक्ष सतिंदर टोनी और शहरी जिलाध्यक्ष मनोज अग्रवाल ने किया। इस दौरान नेताओं ने कहा कि ईंधन की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि का असर आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ रहा है। महंगाई ने गरीब और मध्यम वर्ग की आर्थिक स्थिति को प्रभावित किया है।
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सतिंदर टोनी ने कहा कि पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से परिवहन लागत में इजाफा हुआ है, जिसका सीधा असर खाद्य पदार्थों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर पड़ा है। शहरी जिलाध्यक्ष मनोज अग्रवाल ने कहा कि डीजल महंगा होने से किसानों की लागत बढ़ गई है। वहीं होटल और ढाबों पर खाने-पीने की वस्तुएं भी महंगी हो गई हैं। इनेलो के पंचकूला प्रभारी संदीप गोयत ने कहा कि स्कूल खुलने के साथ बस फीस में वृद्धि का बोझ भी अभिभावकों पर पड़ सकता है।
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इस अवसर पर वरिष्ठ नेता राकेश गोयल, सत्यव्रत धनखड़, गुरदास, जय किशन, गुरदीश, मनोज गुर्जर, आशीष रंगा, हरेंद्र, नवीन जायसवाल, गीता, योगेश्वर शर्मा, हरेन्द्र देशवाल, बिल्लू प्रधान, भूषण राणा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रमुख मांगें
पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाए।
ईंधन पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी समाप्त की जाए।
आम जनता को राहत देने के लिए कीमतों में तत्काल कटौती की जाए।