एप डाउनलोड करें
विज्ञापन

मंडी जिले में डायबिटीज के 27000 रोगी

Mandi Updated Fri, 15 Nov 2013 05:43 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

मंडी। बदलती जीवन शैली और खानपान के तौर तरीकाें में बदलाव डायबिटीज रोग को बढ़ावा दे रहा है। डायबिटीज के मरीजाें की संख्या बढ़ती जा रही है। मधुमेह अर्थात डायबिटीज ऐसा रोग है जो अपने साथ अनेक कई बीमारियों को पैदा करता है। डाक्टर इसका कारण जंक फूड, चिप्स और अन्य तैलीय खानपान को मानते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

मंडी जिले में मधुमेह के रोगियों की संख्या हजाराें में है। साल-दर-साल यह आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। मंडी जिले में ही 2012 तक डायबिटीज के रोगियाें की संख्या 27000 का आंकड़ा पार कर चुका है। जोनल अस्पताल मंडी से मधुमेह रोग के कार्यक्रम अधिकारी डा. प्रवीण ने इसकी पुष्टि की है। बताया कि यह आंकड़े जिले के तमाम अस्पतालों से लिए गए हैं। लोगों की आरामदायक जिंदगी जीने की इच्छा डायबिटीज को बढ़ावा दे रही है। पचास फीसदी लोगाें को शुरुआत में डायबिटीज होेने का पता नहीं चलता।

डायबिटीज के मुख्य लक्षण
डायबिटीज को टाइप-वन और टाइप-टू में विभाजित किया जाता है। यंग एज में अक्सर टाइप वन डायबिटीज का खतरा रहता है। डायबिटीज होने पर मरीज को प्यास अधिक लगती है। बार-बार पेशाब आना, वजन गिरना, नजरों का कमजोर पड़ना और जख्म देरी से भरना इसके मुख्य लक्षण होते हैं।
विज्ञापन

डायबिटीज के प्रति किया जागरूक
वीरवार को विश्व मधुमेह दिवस पर अवकाश होने के चलते क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में बुधवार को मधुमेह दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें शहरी क्षेत्र के नौ स्कूलाें के छात्र-छात्राओं, प्राध्यापकाें और अध्यापकों को डायबिटीज के बारे में जानकारी दी गई। जन शिक्षा एवं सूचना अधिकारी हरिदास चौहान ने कहा कि इंसुलिन की कमी के चलते बच्चाें को डायबिटीज की बीमारी जकड़ रही है। छात्रों से आह्वान किया कि नशे का सेवन न करें, नियमित व्यायाम करें और जंक फूड से परहेज करें।
विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें