नोएडा। आने वाले दिनों में आप डूब क्षेत्र में भूखंड खरीदकर रजिस्ट्री कराने जाएंगे तो आपको प्रॉपर्टी के कागजात तैयार करवाते समय यह भी लिखना पड़ सकता है कि उस पर कोई निर्माण कार्य नहीं करेंगे। जमीन का इस्तेमाल सिर्फ खेती के लिए होगा। जिला प्रशासन और नोएडा प्राधिकरण मिलकर रजिस्ट्री विभाग के जरिए इस प्रावधान को लागू करवाने की तैयारी कर रहे हैं। इस संबंध में प्राधिकरण, जिला प्रशासन और रजिस्ट्री विभाग की जल्द बैठक होगी।
दरअसल, एक मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि डूब क्षेत्र की जमीन की रजिस्ट्री पर रोक नहीं लगाई जा सकती, बल्कि उस पर निर्माण कार्य रोका जा सकता है। इसके लिए संबंधित विभागों को कदम उठाना होगा। नोएडा प्राधिकरण सिंचाई विभाग की डूब क्षेत्र की जमीन को अपने नाम करवाने के लिए प्रयासरत है। इस बाबत प्राधिकरण शासन से पत्राचार भी कर रहा है। डूब क्षेत्र में निर्माण रोकने की जिम्मेदारी प्राधिकरण की है। इसके चलते प्राधिकरण ने अतिक्रमण हटाने का अभियान तो शुरू कर दिया है। साथ ही, इस प्रयास में भी है कि रजिस्ट्री के समय निर्माण न करने के लिए अलग से प्रावधान कर दिया जाए। इसके लिए जरूरत पड़े तो शपथ पत्र भी लिया जा सकता है। मालूम हो कि ऐसी पहल पहले भी की गई थी।
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रजिस्ट्री के समय कागजात में अगर इस बात का उल्लेख कर दिया जाए तो अवैध निर्माण में कमी आएगी। अगर कोई बना भी लेता है तो उसे ढहाते समय प्राधिकरण का हाथ कानूनी रूप से मजबूत होगा। कानूनी पहलू की जांच करने के बाद इस प्रावधान को लागू करने के लिए जल्द ही जिला प्रशासन से बातचीत की जाएगी। डूब क्षेत्र के साथ ही प्राधिकरण की किसी भी अधिसूचित जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ अभियान चलता रहेगा। जहां भी कॉलोनियां काटी जा रही हैं, उनकी सूची बन रही है। एक-एक करके सभी अतिक्रमण ढहाए जाएंगे।
- राजेश प्रकाश, प्राधिकरण के प्रशासनिक अधिकारी